नालंदा: युवक की मौत के बाद बवाल: पुलिस पर पथराव, वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी, 2 इंस्पेक्टर समेत 8 जवान घायल; आंसू गैस और लाठीचार्ज

नालंदा

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा जिला के हरनौत थाना क्षेत्र के चेरन गांव में पुलिस के बोलेरो वाहन और बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत के बाद बुधवार को हालात बेकाबू हो गया। आक्रोशित लोगों ने पहले घटनास्थल और फिर देर रात बिहारशरीफ-बख्तियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस पर पथराव, आगजनी और कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में दो इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मृतक की पहचान बलवापर गांव निवासी 22 वर्षीय प्रदुमन कुमार के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रदुमन को पुलिस इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पिता पिंकू कुमार के आवेदन पर सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पहले घटनास्थल पर लगा जाम

हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो और बाइक को घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर बेलछी की ओर ले जाकर पलट दिया तथा ट्रक और ट्रैक्टर को सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर एनएच जाम कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम हटवाया। इस मामले में पुलिस पदाधिकारी के बयान पर असामाजिक तत्वों के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।

रात में फिर शव रखकर एनएच किया जाम

देर रात मृतक के परिजन और रिश्तेदार जीडीएम कॉलेज के पास बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। ट्रैक्टर, टोटो और टेंपो खड़े कर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया गया। सूचना मिलने पर हरनौत थाना पुलिस, बीडीओ, पुलिस निरीक्षक, सदर एसडीओ, एसडीपीओ, डीएसपी (विधि-व्यवस्था) और डीएसपी (यातायात) समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से जाम समाप्त करने की अपील की।

पुलिस पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़

पुलिस का आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल और दंडाधिकारियों पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। उपद्रवियों ने टायर और अन्य ज्वलनशील सामग्री में आग लगा दी तथा कई वाहनों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन भीड़ के नहीं हटने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का लाठीचार्ज कर सड़क खाली कराई गई। इसके बाद एनएच पर यातायात सामान्य कराया गया।

दो इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मी घायल

पथराव में दो इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को पहले कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

एक हिरासत में, वीडियो फुटेज से होगी पहचान

सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस और दंडाधिकारियों पर पथराव किए जाने के कारण स्थिति बिगड़ी। कई बार समझाने के बावजूद जब उपद्रव और आगजनी नहीं रुकी तो भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग किया गया।

उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जबकि वीडियो फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क दुर्घटना और उपद्रव, दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।