साइबर अपराध पर सख्ती: मुख्य सचिव और डीजीपी ने जिलों को दिए सख्त निर्देश, रोहतास में डीएम-एसपी ने की समीक्षा

सासाराम

सासाराम /अरविंद कुमार सिंह। बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, साइबर पुलिस उपाधीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि Samanvay Portal, National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP), Pratibimb Portal और CIAR Portal पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों की डेटा अपलोडिंग, लाइव ट्रैकिंग, त्वरित समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई में तेजी लाई जाए, ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव और डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए सभी जिलों को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधों की जांच, अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

रोहतास समाहरणालय से आयोजित इस बैठक में जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने जिले में साइबर अपराध नियंत्रण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

बैठक के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी साझा करने के अनुरोध या तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या NCRP पोर्टल पर दर्ज कराएं। प्रशासन ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता और जनसहभागिता सबसे प्रभावी हथियार है।