बीपी डेस्क। बिहार विधानसभा का बजट सत्र सोमवार (02 फरवरी, 2026) से शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त रूप से संबोधित करने से हुई. राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकताएं गिनाई और भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया.
विपक्ष के सदस्यों द्वारा इस दौरान टोका-टाकी भी करते देखा गया. राज्यपाल ने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए लोगों की खुशहाली के लिए निरंतर प्रयत्नशील है.
उन्होंने नववर्ष के प्रथम सत्र के संयुक्त अधिवेशन के लिए सभी को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की खुशहाली और बहुआयामी विकास की कामना की. उन्होंने कहा कि इस सत्र में वित्तीय और विधायी के कई महत्वपूर्ण कार्य संभव होंगे.
उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सदस्य इस सत्र में अपनी रचनात्मक भूमिका अदा करने की अपेक्षा रखते हैं, जिससे प्रदेश को विकसित बनाने और जन-जन की खुशहाली लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
उन्होंने कहा कि बिहार में नई सरकार बनने के बाद कानून का राज कायम है. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की स्थिति कायम करने की है.
किया विकास कार्यों का जिक्र
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नई सरकार के गठन के बाद हुए विकास कार्यों का विस्तार से जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे आम लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है.
राज्य में सड़कों और पुल-पुलियों के बड़े पैमाने पर निर्माण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सुदूर इलाकों से राजधानी तक पहुंच का समय घटाकर पांच घंटे करना है, ताकि विकास का लाभ हर क्षेत्र तक समान रूप से पहुंचे.
राज्यपाल ने इस क्रम में जीविका दीदियों की भी चर्चा की. उन्होंने महिलाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार रुपये देने की भी बात करते हुए कहा कि जिनका रोजगार अच्छी तरह चलेगा, उन्हें दो लाख रुपये भी दिए जाएंगे.
राज्यपाल ने वंचित और कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही इन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध रही है.
