बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए शहरी जलापूर्ति योजना फेज-2 के तहत कवायद तेज कर दी गई है। मार्च 2027 तक नगर निगम क्षेत्र के सभी 51 वार्डों में पाइपलाइन के माध्यम से नियमित जलापूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना पूरी होने के बाद करीब 80 हजार घरों तक सीधे शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 60 एमएलडी यानी 6 करोड़ लीटर पानी की जरूरत होगी। इसमें पुराने वार्डों के 59,562 घर और विस्तारित पांच वार्डों के 20,485 घर शामिल हैं। विस्तारित क्षेत्रों को पहली बार व्यवस्थित जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
10 से बढ़कर 23 होंगी जलमीनारें
बुडको के सहायक अभियंता कुंदन कुमार त्रिपाठी के अनुसार वर्तमान में शहर में 10 जलमीनारें कार्यरत हैं। जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए 13 नई उच्च क्षमता वाली जलमीनारों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद शहर में कुल 23 जलमीनारें हो जाएंगी।
नई जलमीनारों का निर्माण महलपर, छोटी पहाड़ी, नालंदा महिला कॉलेज, अंबेर, ईमादपुर, लोहगानी, खरजंमा, शिवाजीनगर, कोसुक, रांची-पटना हाईवे, मघड़ा और रामलखन सिंह यादव कॉलेज के आसपास कराया जा रहा है।
इनकी क्षमता 5.5 लाख से 23 लाख लीटर तक होगी। मघड़ा में सबसे बड़ी 23 लाख लीटर क्षमता की जलमीनार बन रही है।
23 स्थानों पर प्रस्तावित है नई बोरिंग
जलस्रोतों को मजबूत करने के लिए शहर के 23 चिन्हित स्थानों पर उच्च क्षमता वाली बोरिंग कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
नई जलमीनारों, बोरिंग और विस्तारित पाइपलाइन नेटवर्क के चालू होने से शहर के कम दबाव वाले इलाकों में भी पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। योजना के पूरा होने के बाद गर्मी के दिनों में बढ़ने वाली पानी की मांग को पूरा करने के साथ पेयजल संकट और लो-प्रेशर की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
