नालंदा: एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की समीक्षा, पीड़ितों को समयबद्ध सहायता देने का निर्देश

नालंदा बिहारशरीफ

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा मैनुअल स्कैवेंजर्स निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत नालंदा जिले में गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की वर्ष 2026 की तीसरी बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ ने की।

बैठक में समिति के सदस्यगण, जिला कल्याण पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), विशेष लोक अभियोजक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति थाना के थानाध्यक्ष सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पीड़ितों को उपलब्ध कराई गई आर्थिक सहायता, लंबित मामलों की स्थिति तथा सहायता राशि के भुगतान की प्रगति की जानकारी दी।

जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 136 लाभुकों को प्रथम किस्त तथा 233 लाभुकों को द्वितीय किस्त की राशि प्रदान की गई है। दोनों किस्तों को मिलाकर कुल 324.76 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई है। इसके अलावा जिले में अधिनियम के तहत 70 पेंशनधारियों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

बैठक में उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने तथा पात्र पीड़ितों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ितों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं करने पर जोर दिया।