Patna News : गंगा नदी उफान पर, दानापुर के दियारा क्षेत्र में बाढ़ से मची भारी तबाही

पटना

प्रभात कुमार। बिहार में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. गंगा और गंडक, सोन नदी भी उफान पर है. राज्य की प्रमुख नदियों गंडक, कोसी, बागमती और गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का कटाव तेज हो गया है. गंगा के कटाव से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है. वहीं दानापुर में गंगा नदी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है. गंगा अब खतरे के निशान से दो फुट उपर बह रही है.

पिछले तीन दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में तीन फुट वृद्धि हुई है. 11 दिन बाद दोबारा गंगा के विकराल रूप से दियारा के सात पंचातयों जलमग्ने हो गया है. दियारा के सात पंचायत बाढ के पानी से जलमग्नें हों गया है और सड़क से लेकर खेतों में बाढ़ का पानी तीन से चार फुट बह रहा है. घरों में भी दो से डेढ़ फुट पानी घुसा गया है. जिससे दियारा के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग ऊंचे स्थान पर शरण लेने को विवश हो गया है.

बाढ प्रभावित कासीमचक पंचायत के घरों में बाढ पानी घुसने के बाद से बुधवार को लोगों ऊंचे स्थान पर शरण लेने को विवश हो गए . पूर्व आई बाढ़ से दियारा क्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेयर में लगी मक्का, पशुचारा और सब्जी की खेती पूर्ण रुप से बर्बाद हो चुकी है. जिससे लाेगाें के साथ-साथ पशुओं के सामने भी चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है.

विशुनपुर स्थित अस्पताल परिसर में भी बाढ़ पानी घुस गया है और दर्जनों स्कूलों में भी बाढ़ पानी घुस गया है.वहीं अकिलपुर थाना परिसर भी बाढ़ के पानी से घिरे गया है. स्टीमर जहाज पर चढ़ने के लिए भी घुटने भर पानी घुस जाना पड़ता है. बाढ़ से दियारा के सात पंचायतों जलमग्न और टापू बन चुके हैं और दियारा के 49 स्कूलों में शिक्षक – शिक्षिका स्टीमर से दियारा जा रहे हैं और बाढ़ के पानी में स्कूलों तक पहुंचने में भारी परेशानियों उठाना पड़ रहा है.

ऑटो व जीप चालकों मनमानी भाड़ा वसूल रहे हैं. दियारा में बाढ को देखते हुए बिजली विभाग ने बुधवार सुबह से सात पंचायतों का बिजली आपूर्ति बंद कर दिया गया है. जिससे दियारा के सात पंचायतों में अंधेरे में डूब गया है. गंगा नदी के पानी नाला से रिसाव शहरी व सेना इलाके में होने से पूर्व ही जल संसाधन विभाग द्वारा बालू भरे बोरा से नाला को बंद कर दिया गया है. जिससे सेना व शहरी क्षेत्र में बाढ का पानी रिसाव नही हो सकेंगे.

कनीय अभियंता ने बताया कि शहरी व सेना क्षेत्र के सभी स्लुईस गेट व फाटक को बालू भरा बोरा से बंद कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि देवानानाला को बंद कर दिया गया है. वहीं बाढ़ नियंत्रण केंद्र के अनुसार दानापुर में गंगा खतरे के निशान से दो फुट से उपर बह रही है. बुधवार को सुबह में देवनानाला पर गंगा का जलस्तर 168.90 फुट रिकॉर्ड किया गया.

कनीय अभियंता ने बताया कि गंगा का जलस्तर में वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि इलाहाबाद व बनारस में जलस्तर वृद्धि हो रही है, जबकि बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर में स्थिर है और इंद्रपुरी में सोन नदी का भी स्थिर है. इससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना बना हुआ है.

प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी :
सीओ ने बताया कि दियारा में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन सजग है और प्रशासन गंगा नदी के जलस्तर वृद्धि होने पर नजर रखे हुए है. उन्होंने बताया कि दियारा में संभावित बाढ़ को देखते हुए एसडीओ समेत अन्य अधिकारी के साथ दियारा में बाढ़ का आंकलन का जायजा लिया जा रहा है.

अभी तक जिला प्रशासन से सरकारी स्तर पर नाव परिचालन करने के लिए आदेश नहीं आया है.उन्होंने बताया कि दियारा में बाढ को देखते हुए एसडीआरएफ टीम को दियारा के छह पंचायतों का बाढ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर तैनात रहने को कहा गया है. दियारा क्षेत्र में निचले इलाके में घरों और झोपड़ियों में घुसा बाढ़ का पानी का आंकलन किया जा रहा है.