प्रभात दुबे। प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के संरेखण (अलाइनमेंट) में आंशिक बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव लखनऊ-कानपुर (एनएच-27) और लखनऊ-रायबरेली (एनएच-30) मार्ग के प्रस्तावित इंटरचेंज के आसपास घनी आबादी पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए किया गया है।
खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे की लंबाई 1.18 किलोमीटर बढ़ने के बावजूद परियोजना की कुल लागत में कोई वृद्धि नहीं होगी। मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के विस्तृत अलाइनमेंट का पुनर्मूल्यांकन करने पर सरकार ने उसमें आंशिक संशोधन का निर्णय लिया है।
संशोधित अलाइनमेंट का उद्देश्य लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 तथा लखनऊ-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के प्रस्तावित इंटरचेंज के निकट बड़ी संख्या में प्रभावित होने वाली सघन आबादी को राहत देना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अलाइनमेंट में बदलाव के कारण लिंक एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई 49.80 किलोमीटर से बढ़कर 50.98 किलोमीटर हो जाएगी।
हालांकि, लंबाई में 1.18 किलोमीटर की वृद्धि के बावजूद परियोजना की कुल लागत में कोई बदलाव नहीं होगा। इसका कारण यह है कि अतिरिक्त लंबाई से होने वाली संभावित लागत वृद्धि की भरपाई प्रस्तावित इंटरचेंज के स्थान पर अंडरपास बनाए जाने से होने वाली बचत से कर ली जाएगी।
