सेंट्रल डेस्क। CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से आज शुक्रवार को मुलाकात की. बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका ने मीडिया को बातचीत की जानकारी दी. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस की ओर से युवाओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया.
सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस चुनिंदा युवाओं को हिरासत में ले रही है और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से सरकार और युवाओं के बीच भरोसे की कमी और बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार की शुरुआती प्रतिक्रिया यह थी कि ऐसी कोई घटना नहीं हो रही है. हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया कि यदि इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो उन्हें जारी नहीं रहने दिया जाएगा और दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे.
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विस्तार से चर्चा हुई. रंका ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और युवाओं में गुस्सा और नाराजगी है.
उन्होंने कहा कि युवाओं की भावना साफ है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर अपना जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है.
सीजेपी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं. पार्टी ने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा. कॉजपा ने दूसरी मांग के रूप में नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई है.
इसके अलावा, पार्टी ने आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की भी मांग की है. कॉजपा के दो प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली स्थित विट्ठलभाई पटेल हाउस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे तक चली बैठक में ये तीनों मांगें रखीं.
