सेंट्रल डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत में मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया गया है. एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह फैसला इस समझ के बाद लिया गया कि शर्तों को तय समय के अंदर लागू किया जाएगा.
दास ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से विरोध प्रदर्शन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय समय के अंदर लागू किया जाएगा.” उन्होंने कहा कि हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं, इसलिए हम विरोध प्रदर्शन करने वालों से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत हट जाएं और शांति से घर लौट जाएं.
हम आपको अपनी आगे की रणनीति या किसी और मुद्दे के बारे में बताएंगे. लेकिन हम विरोध प्रदर्शन करने वालों से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत हट जाएं.” कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से एक्स पर जारी बयान में कहा गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी आंदोलन तुरंत वापस ले लिया है. कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि सभी मांगें सरकार ने मान ली हैं:
- NEET पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं के परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिया जाए.
- केंद्र सरकार और NDA शासित राज्यों की सभी FIR वापस ले ली जाएंगी, और भविष्य में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
- CJP के 5-पॉइंट एग्जाम रिफॉर्म चार्टर पर सरकार विचार करेगी और CJP इन सुधारों पर आगे चर्चा करने के लिए सरकार से मिलेगी.
सौरभ दास ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ तीन राउंड डिस्कशन हुआ है. सरकार से 37 दिनों से चल रहे प्रोटेस्ट की 3 मांग थी—
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
सभी FIR वापस हों और भविष्य में भी कोई कार्रवाई ना हो.
एक करोड़ का मुआवजा मिले, जिन बच्चों की पेपर लीक कांड के दौरान मौत हुई.
उन्होंने कहा किधर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. पहली मांग पूरी मान ली गई है. साथ-साथ दूसरी मांग- सारे FIR देश बाहर में जो FIR दर्ज हुई हैं, वो वापस हो जाए वो भी मान ली. जो FIR हुए हैं उनकी कॉपी शेयर करेंगे हमारे साथ. FIR वापस हो जायेंगी. भविष्य के किसी भी प्रोटेस्टर्स और CJP की टीम के साथ कोई एक्शन नहीं होगा.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान के चार सौ सोशल मीडिया हैंडल सीजेपी के प्रोटेस्ट की आड़ में स्टूडेंट्स को भड़का रहे थे- और विदेशी फंडिंग का भी आरोप लग रहा है? टीवी9 भारतवर्ष के इस सवाल के जवाब मेंसौरभ दास का ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने खुद इस बात को माना है कि कोई फॉरेन फंडिंग नहीं हुई है. दिल्ली पुलिस ने जो उनका काम था. वो किया.
सरकार ने मांनी मांगें, क्या बोले जेपी नड्डा?
इस बीच, नड्डा ने कहा कि सरकार ने डेलीगेशन की मांगें मान ली हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई पुलिस एक्शन नहीं लिया जाएगा और सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों को नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा. नड्डा ने कहा कि आज हमारी लंबी बातचीत हुई.
वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे मामलों के बारे में चार बातें कहीं. इसके साथ ही, हमने बाकी दो मांगों पर भी बात की: कोई बदले की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवजा दिया जाना चाहिए, और उनके पांच-पॉइंट चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, “हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे, और कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा. दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि हमें भी हमदर्दी है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा. CJP डेलीगेशन द्वारा पेश किए गए पांच-पॉइंट चार्टर पर, नड्डा ने कहा कि सरकार एजुकेशन एग्जामिनेशन सिस्टम में सुधार के सुझावों पर “गहराई से सोचेगी.”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब आंदोलन की खत्म
केंद्र का यह समझौता NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद आया. प्रधान ने कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर और पूरे देश में बनी स्थिति पर विचार करने के बाद पद छोड़ा है.
प्रधान के इस्तीफे के कुछ मिनट बाद, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि बाकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा. उन्होंने पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई के लिए पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
हालांकि, केंद्र के साथ तीन राउंड की बातचीत के बाद, CJP ने रविवार को ऐलान किया कि सरकार द्वारा उसकी बाकी मांगें मान लेने के बाद वह जंतर-मंतर पर अपना 36 दिन का आंदोलन तुरंत वापस ले रही है, साथ ही एग्जाम सुधारों पर पार्टी के पांच-पॉइंट चार्टर पर भी विचार करने के लिए सहमत हो गई है.
