रजौली में 3 करोड़ का गांजा जब्त, गुप्त तहखाने से निकले 280 किलो नशे की खेप

नालंदा बिहारशरीफ

हजारीबाग से पटना जा रही थी तस्करी, पंजाब के 2 तस्कर गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित चितरकोली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। उत्पाद बलों ने एक मिनी कंटेनर ट्रक में बने गुप्त तहखाने से 280 किलो गांजा बरामद कर करीब 3 करोड़ रुपए की नशे की खेप को पटना पहुंचने से पहले ही धर दबोचा। इस मामले में पंजाब के 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा के निर्देशन और इंस्पेक्टर अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम मंगलवार सुबह से ही झारखंड की ओर से आने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर PB10FF-8269 मिनी कंटेनर ट्रक को रोककर जांच की गई।

गुप्त तहखाने से बरामद हुआ गांजा

जांच में कंटेनर के पिछले हिस्से में बने गुप्त तहखाने से 27 पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट में करीब 10.5 किलो गांजा रखा था। कुल 279.87 किलो गांजा जब्त किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी मौजूद रहे। उत्पाद बल के एएसआई विश्वजीत कुमार सिंह, एएसआई पंकज कुमार सहित गृहरक्षक जवानों की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पटना के जीरो माइल ले जानी थी खेप

गिरफ्तार तस्करों की पहचान पंजाब के लुधियाना, मोतीनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी राजेंद्र कुमार पिता दयाराम और अरविंद कुमार पिता गुरु प्रसाद के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि गांजे की खेप झारखंड के हजारीबाग से लोड की गई थी और इसे पटना के जीरो माइल में दूसरे तस्कर को डिलीवरी देनी थी।

लोकेशन मिलने के बाद माल की डिलीवरी होनी थी, लेकिन रास्ते में ही रजौली उत्पाद बलों ने उन्हें दबोच लिया। नवादा के उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा ने बताया कि जब्त गांजा और कंटेनर ट्रक के साथ गिरफ्तार दोनों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तस्करों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

शराबबंदी के बाद बढ़ा नशे का कारोबार

बिहार में शराबबंदी के बाद सुखा नशा यानी गांजा, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए चितरकोली जांच चौकी पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद इलाके में गांजा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।