बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों के लिए पारदर्शी और सुगम व्यावसायिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में ‘व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business)’ एवं ‘जिला व्यापार सुधार कार्य योजना’ की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना, जिला व्यापार सुधार कार्य योजना तथा सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिले में उद्योगों एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाई का सामना नहीं करना चाहिए।
बैठक के दौरान भूमि आवंटन, भवन मानचित्र स्वीकृति, व्यापार लाइसेंस, व्यावसायिक बिजली कनेक्शन, पर्यावरणीय स्वीकृति, अग्निशमन विभाग की एनओसी समेत विभिन्न विभागीय अनुमतियों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कागजी प्रक्रियाओं को न्यूनतम करते हुए सभी स्वीकृतियां डिजिटल, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम को पूरी तरह प्रभावी बनाकर उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक विभागीय सेवाएं एवं अनुमतियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही नए व्यवसायियों और स्टार्टअप्स के लिए सरल, पारदर्शी एवं निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए, ताकि जिले में उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि नालंदा में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र एवं स्टार्टअप सेल के माध्यम से नए उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त (बिहारशरीफ नगर निगम), वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धनजी कुमार, असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, राज्य कर संयुक्त आयुक्त (जीएसटी), जिला कृषि पदाधिकारी, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम), कार्यपालक अभियंता (विद्युत), उप महाप्रबंधक (बियाडा) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
