बिहार के छात्रों के लिए समर्पित हॉस्टल और UPSC कोचिंग की मांग।
जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों की तर्ज पर जामिया परिसर में बिहार के छात्रों हेतु समर्पित छात्रावास (Dedicated Hostel) के निर्माण का अनुरोध।
रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) में बिहार के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए विशेष UPSC कोचिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव।
कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ और रजिस्ट्रार श्री महताब आलम रिज़वी ने दिए सकारात्मक संकेत; नियमानुसार त्वरित पहल का दिया आश्वासन।
बीपी डेस्क। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान के नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया आगमन पर उनका विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ एवं रजिस्ट्रार श्री महताब आलम रिज़वी ने मंत्री महोदय की अगवानी की तथा उन्हें सम्मानित किया। स्वागतोपरांत आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में माननीय मंत्री ने कुलपति एवं रजिस्ट्रार के साथ बिहार के विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बिहार के विद्यार्थियों के लिए समर्पित छात्रावास का निर्माण :
बैठक के दौरान माननीय मंत्री जी ने जामिया परिसर में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों की तर्ज पर बिहार के छात्रों के लिए भी एक समर्पित छात्रावास (Dedicated Hostel) के निर्माण का औपचारिक अनुरोध किया। मंत्री ने कहा, “जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बिहार से भारी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
राजधानी दिल्ली में पढ़ाई के दौरान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा का होना विद्यार्थियों की शैक्षणिक एकाग्रता के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि जामिया परिसर में बिहार के छात्रों के लिए एक समर्पित हॉस्टल की व्यवस्था होती है, तो इससे उन्हें एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उनकी शिक्षा व शैक्षणिक प्रगति को अत्यधिक प्रोत्साहन मिलेगा।”
RCA में बिहार के अल्पसंख्यक छात्रों के लिए विशेष UPSC कोचिंग की व्यवस्था :
इसके अतिरिक्त, माननीय मंत्री ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के तत्वावधान में संचालित प्रसिद्ध रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) का विशेष उल्लेख करते हुए बिहार के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए अलग से UPSC सिविल सेवा कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार के दूर-दराज और आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं (UPSC) की तैयारी के लिए बेहतर मंच प्रदान करना है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
सकारात्मक चर्चा और सहमति :
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा संपन्न हुई। इस संबंध में शीघ्र ही सहयोग को औपचारिक रूप देने और अग्रेतर कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी। जामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ एवं रजिस्ट्रार श्री महताब आलम रिज़वी ने माननीय मंत्री जी द्वारा दिए गए सभी सुझावों का गंभीरता एवं सकारात्मकता के साथ संज्ञान लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन बिहार के विद्यार्थियों के कल्याण हित में इन मांगों पर नियमानुसार आवश्यक एवं त्वरित पहल करेगा।
