विक्रांत। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आज दिनांक 13 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी “हर घर तिरंगा : तिरंगा यात्रा–2026” अभियान के अंतर्गत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक देशभर में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तथा राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाया जा रहा है।


तिरंगा यात्रा का नेतृत्व माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने किया। उनके साथ विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता एवं निदेशक भी यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में बिहार कृषि महाविद्यालय (BAC), सबौर; कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (CABT), सबौर तथा कृषि-व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय (CABM), सबौर के शिक्षक, पदाधिकारी, कर्मचारी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, नागरिक गौरव तथा राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना था। हाथों में तिरंगा लेकर प्रतिभागियों ने राष्ट्र के प्रति अपने प्रेम एवं समर्पण का प्रदर्शन किया तथा उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके त्याग और बलिदान से देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
इस अवसर पर “वंदे मातरम्” की गौरवपूर्ण परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया। राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के कारण इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह का महत्व और भी बढ़ गया है। “वंदे मातरम्” भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का एक सशक्त प्रतीक रहा है।
तिरंगा यात्रा के माध्यम से “एकता में विविधता”, राष्ट्रीय एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय परिवार की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह प्रदर्शित किया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों तथा समाज में देशभक्ति, जिम्मेदार नागरिकता और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
“हर घर तिरंगा” अभियान नागरिकों को अपने घरों, कार्यस्थलों, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य स्थानों पर गर्व के साथ तिरंगा फहराने एवं प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करता है। यह राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय की तिरंगा यात्रा ने भी इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और सभी को राष्ट्रीय उत्सव में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का कार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने “विकसित भारत” के निर्माण तथा आत्मनिर्भर एवं सशक्त राष्ट्र के लक्ष्य में अपना योगदान देने का संकल्प भी दोहराया। माननीय कुलपति, अधिष्ठाताओं, निदेशकों, शिक्षकगण, पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों की सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का सार्थक प्रदर्शन बनाया।
तिरंगा यात्रा का समापन स्वतंत्रता, एकता, अखंडता, शांति और राष्ट्रीय प्रगति के मूल्यों को बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तिरंगा केवल भारत के गौरवशाली अतीत और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह देश के वर्तमान दायित्वों और “विकसित भारत” के उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षाओं का भी प्रतीक है।
