नालंदा: बीएलओ निर्वाचन प्रक्रिया की नींव, इनके समर्पण से तैयार होती है शुद्ध मतदाता सूची : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

नालंदा बिहारशरीफ

Biharsharif/Avinash pandey: नालंदा विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम में सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नालंदा, गया, नवादा, जहानाबाद एवं शेखपुरा जिलों के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ की भूमिका को निर्वाचन प्रक्रिया की नींव बताते हुए उनके समर्पण और कार्यों की जमकर सराहना की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने में बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वर्ष 2025 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बीएलओ ने पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनके प्रयासों से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के दौरान बिहार में मतदाता मतदान प्रतिशत पिछले निर्वाचनों की तुलना में सर्वाधिक रहा। इसमें बीएलओ की भूमिका भी सराहनीय रही। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी बीएलओ को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बीएलओ से सुनी समस्याएं और सुझाव

संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ से उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव, चुनौतियां, समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सहभागी बनाने में बीएलओ के अनुभव और सुझाव महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने बीएलओ को मतदाताओं से बेहतर संवाद स्थापित करने, मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करने को प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह, नालंदा की जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी उदिता सिंह, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में बीएलओ मौजूद रहे।

नालंदा की ज्ञान परंपरा की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की सराहना

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक एवं गौरवशाली विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को देखने के बाद उन्हें यह अनुभूति हुई कि हजारों वर्ष पूर्व बिहार में ज्ञान और शिक्षा की परंपरा कितनी समृद्ध रही होगी।

उन्होंने नालंदा की धरती पर आने को अपने लिए गर्व की बात बताते हुए यहां की ऐतिहासिक एवं ज्ञान परंपरा की सराहना की। इससे पूर्व जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी नालंदा उदिता सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों और बीएलओ का अभिवादन स्वीकार किया।