–बिजली ट्रिपिंग की समस्या पर डीएम ने लिया कड़ा संज्ञान, संबंधित अधिकारियों को तकनीकी समाधान के निर्देश
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और अनुकूल औद्योगिक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक का संचालन जिला उद्योग केंद्र नालंदा के महाप्रबंधक धनजी कुमार की देखरेख में हुआ। बैठक में जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के मालिक और प्रतिनिधि शामिल हुए।
उद्यमियों ने अपने प्रतिष्ठानों के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं, प्राथमिकताओं और भविष्य की आवश्यकताओं से डीएम को अवगत कराया। सनातनमणी पेपर मिल, न्यूटन पाइप इंडस्ट्री, पटेल एग्री इंडस्ट्रीज, निर्मल ऑक्सीजन इंडस्ट्रीज, शिवा लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, महर्षि कृषि उद्योग, राणा कंस्ट्रक्शन, सोलंकी फूड्स, जुदार प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, बायो ऑर्गेनिक पेंट्स और मॉड्यूलर क्रिएशन समेत कई औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बिजली ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ा संज्ञान
उद्यमियों ने अनियमित विद्युत आपूर्ति और बार-बार बिजली ट्रिपिंग की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है और उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस पर डीएम उदिता सिंह ने विद्युत विभाग के संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बिजली ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए हर संभव तकनीकी उपाय प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन कार्य पर बिजली की समस्या का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उद्यमियों की समस्याओं के अंतर-विभागीय समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। इनमें जिले के सभी विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, आरडब्ल्यूडी हरनौत के कार्यपालक अभियंता, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, बीआईएडीए के एरिया मैनेजर, श्रम अधीक्षक, जीएसटी के सहायक आयुक्त और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी शामिल थे।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों से प्राप्त आवेदनों और समस्याओं पर संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि नालंदा में सुदृढ़, सुगम और अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार हो सके।
