Biharsharif/ Avinash pandey: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत बालिका उच्च विद्यालय, सोहसराय में छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। नालंदा की जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने छात्राओं से उनके सपनों, सामाजिक चुनौतियों, विद्यालय की समस्याओं और जिले के विकास को लेकर संवाद किया। छात्राओं ने पायलट, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, वकील, आईएएस, सेना, शिक्षक और जज बनने की इच्छा जताई।
डीएम ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि लक्ष्य के प्रति आत्मविश्वास बनाए रखें और शिक्षा को अपने सपनों की मजबूत नींव बनाएं। संवाद के दौरान बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर भी चर्चा हुई। छात्राओं की समस्याएं सुनते हुए डीएम ने कहा कि जहां गलत हो रहा है, वहां आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, “सहे नहीं, कहे। गलत को गलत कहने का साहस रखिए। आपकी आवाज ही बदलाव की पहली सीढ़ी है।”
उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी समस्या की स्थिति में शिक्षिका, प्रधानाध्यापिका, अभिभावक या प्रशासन से संपर्क करें। बाल विवाह की जानकारी मिलने पर प्रशासन को सूचित करने की भी अपील की।
छात्राओं ने विद्यालय में हिंदी, विज्ञान और आर्ट्स विषय के शिक्षकों की कमी, पेयजल, अतिरिक्त कक्षाओं तथा विद्यालय भवन के सुरक्षा बलों के आवासन में उपयोग से पढ़ाई प्रभावित होने की समस्याएं रखीं। अब्राह्मपुर गांव में पेयजल संकट की जानकारी भी दी गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
कार्यक्रम के बाद छात्राओं को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भ्रमण कराया गया। उन्हें 491 कैमरों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इमरजेंसी कॉल बॉक्स की कार्यप्रणाली बताई गई। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर में बाल विवाह, दहेज और घरेलू हिंसा के कानूनी पहलुओं तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
डीएम ने कहा कि बड़े बदलाव छोटी-छोटी सकारात्मक पहलों से आते हैं। छात्राएं अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ें।
