मुख्यमंत्री ने रोहतास जिला में 400 करोड़ रुपए से अधिक की विकासात्मक योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास, रोहतास में बनेगा नया टाउनशिप

पटना सासाराम

अगले मार्च तक सासाराम और औरंगाबाद शहरों को सोन नदी का पानी उपलब्ध कराया जायेगा।

सासाराम, अरविंद कुमार सिंह। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड के करूप पंचायत स्थित पी०एम० श्री केंद्रीय विद्यालय में नवनिर्मित खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित छात्र-छात्राओं से बातचीत की और छात्रों द्वारा बनाए गए नए-नए विज्ञान के मॉडलों को देखा। छात्रों ने अपने द्वारा बनाए गए विज्ञान के मॉडलों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से बताया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने क्लासरूम में जाकर पढ़ाई की गुणवत्ता के बारे में छात्र-छात्राओं से बातचीत की और वहां उपस्थित शिक्षकों से जानकारी ली।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में जीविका, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने 400 करोड़ रुपए की विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने तीन दिनों तक चलने वाले सेवा सेतु अभियान और सहयोग शिविर का उद्घाटन करने के पश्चात अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विकसित कर अगले पांच वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या को लगभग 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि अगले मार्च से पहले सासाराम और औरंगाबाद शहरों में सोन नदी का पानी पहुंचाने की दिशा में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सोन नदी के पानी के बंटवारे से संबंधित समझौते के बाद बिहार को सोन नदी के पानी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने रोहतास की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां जो नयी टाउनशिप बनेगी उसका नाम रोहतास रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग शिविर महीने में दो बार आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि ‘सेवा सेतु अभियान’ तीन दिनों तक, 6 से 8 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त किसी आवेदन पर निर्णय देने में संबंधित पदाधिकारी अथवा कर्मचारी यदि 30 दिन की समय-सीमा पार करता है तो उसे सीधे निलंबित किया जाएगा। उन्होंने जीविका दीदियों और पदाधिकारियों से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय के साथ विकास होगा। सबके साथ, सबके विकास की भावना से काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 में जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अभियान शुरू हुआ। उस समय बिहार में महिलाओं के हाथ में लगभग 5,000 करोड़ रूपये का बाजार था, जो आज बढ़कर करीब 1.36 लाख करोड़ रूपये हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग 50 लाख लखपति दीदियां बनाई जा चुकी हैं तथा 40 लाख महिलाओं को पशु सखी के रूप में भी सशक्त करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन को रोकने के लिए सरकार रोजगार और उद्योग के अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले पांच वर्षों में पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी द्वारा लिए गए संकल्प के तहत 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 से पहले बिहार का कोई गरीब व्यक्ति मजदूरी करने के लिए राज्य से बाहर जाने को मजबूर न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतास और आसपास के क्षेत्र में मां ताराचंडी मंदिर, गुप्ता धाम, मां तुतला भवानी घाम, यक्षिणी भवानी धाम और चौरासन धाम सहित अनेक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए पर्यटन, वन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन स्थलों पर लगभग 50 हजार लोग आते हैं। सरकार का प्रयास है कि अगले पांच वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर कम से कम 5 लाख की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए पटना, दिल्ली, मुंबई और कोटा जैसे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए राज्य में मॉडल स्कूल और सशक्त विद्यालय जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 3.5 लाख बच्चे इस व्यवस्था के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। कोटा से शिक्षकों को जोड़कर तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ के माध्यम से बिहार के बच्चों को रात के समय भी ऑनलाइन शिक्षकों से पढ़ने की सुविधा मिल रही है। जे०ई०ई० और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को अपने घर और प्रखंड स्तर पर बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। आजादी के बाद लंबे समय तक बिहार में उच्च शिक्षा के संस्थानों की संख्या सीमित रही।

वर्ष 2026 तक राज्य में 272 डिग्री कॉलेज थे। इसके बाद सरकार ने 15 जुलाई को 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज खोले। इन कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को बिहार की धरती पर सेवा करने का अवसर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार में बिजली के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है। आज राज्य में करीब 1 करोड़ 93 लाख परिवारों के पास बिजली कनेक्शन है, जिनमें लगभग 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का पिछले एक वर्ष से बिजली बिल शून्य रहा है। सरकार का उद्देश्य आम लोगों के जीवन को सुगम बनाते हुए बिहार को समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि बिहार से होने वाले पलायन को रोकने के लिए राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार देश और दुनिया के लोगों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है, ताकि युवाओं को राज्य में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। लखपति दीदी, पशु सखी तथा दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, सिंचाई और जल निकासी सहित आधारभूत संरचना के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज के कार्यक्रम में करीब 400 करोड़ रूपए से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं जल निकासी से संबंधित कार्य जनता को समर्पित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बनारस-रांची मार्ग के निर्माण में पहाड़ के अंदर से कटिंग कर मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सुशासन को और मजबूत करने के लिए लगभग 5,000 पुलिस दीदियों की टीम गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून तोड़ने और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आपराधिक घटना के मामले में 24 घंटे के भीतर पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है। बिहार सरकार इन दोनों लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘सेवा सेतु अभियान’ इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके माध्यम से सरकार को आम जनता से सीधे जोड़कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। रोहतास की ऐतिहासिक धरती ने देश के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शेरशाह सूरी और सम्राट अशोक से जुड़ी इस भूमि की अपनी विशिष्ट पहचान है। सरकार रोहतास के विकास और पर्यटन की संभावनाओं को नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी, खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, सांसद श्री उपेन्द्र कुशवाहा, विधायक श्री मुरारी प्रसाद गौतम, विधायक श्रीमती स्नेहलता, विधायक श्री आलोक सिंह, विधायक श्री बशिष्ठ सिंह, विधायक श्री नागेन्द्र चंद्रवंशी, विधायक श्री राजीव रंजन सिंह, विधायक श्री विशाल प्रशांत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव सह पर्यटन सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग श्री पंकज कुमार पाल, पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा, शाहाबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी श्री दीपक कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री मिस्टर राज सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और आम जन उपस्थित थे।