पावापुरी की धरती संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत: पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

बिहारशरीफ

बिहारशरीफ।अविनाश पांडेय पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया रविवार को अपने दो दिवसीय नालंदा दौरे के तहत सपरिवार भगवान महावीर की पावन निर्वाण स्थली पावापुरी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध जल मंदिर में विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे राजगीर स्थित वीरायतन के लिए रवाना हो गए, जहां रात्रि विश्राम करेंगे। राज्यपाल 19 अक्टूबर को राजगीर से प्रस्थान करेंगे।

जल मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पावापुरी की पावन धरती केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का केंद्र है। भगवान महावीर ने लगभग 2600 वर्ष पूर्व कठोर तपस्या और साधना के माध्यम से इसी धरती पर केवल ज्ञान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र भूमि है, जहां भगवान महावीर ने लगातार 48 घंटे तक श्रावक-श्राविकाओं और साधु-साध्वियों को देशना दी तथा चतुर्विध संघ की स्थापना की।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया में अशांति का एक बड़ा कारण परिग्रह यानी संग्रह करने की प्रवृत्ति है। यदि मानव समाज भगवान महावीर के पांच महाव्रतों सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह को अपने जीवन में अपनाए, तो तनाव, वैमनस्य और आपसी विरोध को समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को भगवान महावीर के ‘जियो और जीने दो’ तथा अनेकांतवाद के सिद्धांत को स्वीकार करना ही पड़ेगा। इन सिद्धांतों के माध्यम से ही विश्व में शांति, सद्भाव और सहिष्णुता का वातावरण कायम किया जा सकता है।

राज्यपाल के दौरे को लेकर पावापुरी और राजगीर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल के आवागमन मार्ग, जल मंदिर परिसर और वीरायतन में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी अधिकारियों को प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।