राजगीर में वन विभाग के खिलाफ फुटपाथ दुकानदारों ने खोला मोर्चा, 23 अक्टूबर को आंदोलन की चेतावनी

नालंदा

डीएफओ पर अवैध वसूली और दुकानदारों को रोजगार से बेदखल करने के आरोप, विधानसभा अध्यक्ष व वन मंत्री से जांच की मांग

Biharsharif /Avinash pandey: अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के रोपवे (झूलापर) क्षेत्र में फुटपाथ दुकानदारों और वन विभाग के बीच विवाद गहराता जा रहा है। करीब 30 वर्षों से स्वरोजगार कर रहे दुकानदारों ने जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) एम. राजकुमार के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच ने वन विभाग के अधिकारियों पर दुकानदारों को रोजगार से बेदखल करने और पर्यटकों व छोटे दुकानदारों से कथित तौर पर अवैध वसूली करने के आरोप लगाए हैं।

मंच के राज्य समन्वयक एवं भाजपा नेता अधिवक्ता डॉ. अमित कुमार पासवान ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि राजगीर में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। उनके अनुसार, पर्यटकों और दुकानदारों को बोतल में पानी ले जाने तथा पीने पर भी रोक लगाकर जुर्माना वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योजना के तहत पर्यटन भ्रमण पर आने वाले छोटे स्कूली बच्चों से भी पैदल मार्ग से रोपवे पहुंचने के दौरान 10 रुपये का टिकट लेकर राशि वसूली जा रही है।

डॉ. पासवान ने कहा कि लंबे समय से एक ही पद पर पदस्थापित रहने के कारण डीएफओ की मनमानी बढ़ने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई दुकानदारों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष और वन मंत्री से की मुलाकात

इस मामले को लेकर डॉ. अमित कुमार पासवान, मंच के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल, राजगीर अध्यक्ष रमेश कुमार पान और अनीता गुप्ता ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राजगीर में वन विभाग के कामकाज और दुकानदारों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।

मंच के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने पार्किंग और चारदीवारी निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल तथा लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने स्कूली बच्चों और दुकानदारों से कथित जबरन जुर्माना वसूली, गृद्धकूट पर्वत और घोड़ाकटोरा जाने वाले पर्यटकों से अवैध वसूली तथा नेचर सफारी में काटे गए पेड़ों की कथित अवैध बिक्री जैसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

23 अक्टूबर को दुकानें बंद कर प्रदर्शन की चेतावनी

उमराव प्रसाद निर्मल, गोपाल भदानी और रमेश कुमार पान ने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो आगामी 23 अक्टूबर को राजगीर के सभी फुटपाथ दुकानदार अपनी दुकानें बंद रखेंगे। इस दौरान नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच के बैनर तले डीएफओ के खिलाफ अहिंसात्मक तरीके से धरना, प्रदर्शन और जुलूस निकाला जाएगा।

मंच ने संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर दुकानदारों को न्याय दिलाने तथा लंबे समय से स्वरोजगार कर रहे लोगों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।