मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई लगाने पर सरकार देगी 5.40 लाख रुपये तक का अनुदान
- सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत, एससी-एसटी को 50 प्रतिशत तक मिलेगी सहायता
- 100 से 200 किलो प्रति घंटा क्षमता की इकाई स्थापित करने का प्रावधान, एफपीओ, उद्यमी व व्यक्तिगत आवेदक कर सकते हैं आवेदन
पटना, बीपी डेस्क। राज्य में मिलेट्स यानी मोटे अनाज के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए नई मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 4.32 लाख रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5.40 लाख रुपये, जो कम हो, अनुदान मिलेगा।
योजना के तहत नई मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एफपीओ, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और अन्य पंजीकृत संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं। इकाई में प्रसंस्करण मशीनरी की खरीद के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। इकाई की क्षमता 100 से 200 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में मिलेट्स की खेती और इसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों और उद्यमियों को आवश्यक सहयोग दे रही है। मिलेट्स प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। अधिक से अधिक पात्र लाभुक इस योजना का लाभ लेकर मिलेट्स आधारित उद्यम स्थापित करें।
15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जरूरी
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए एफपीओ का कम से कम दो वर्षों से पंजीकृत एवं संचालित होना जरूरी है। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान उपलब्ध कराना होगा। साथ ही बैंक ऋण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन तथा अन्य संचालन संबंधी खर्च पर अनुदान नहीं दिया जाएगा। प्रसंस्करण इकाई के लिए परिसर का कम से कम तीन वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करना होगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभुक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। मशीनरी की खरीद ओएफएमएएस पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेता से करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
उन्होंने बताया कि आवेदन के साथ परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), बैंक ऋण स्वीकृति अथवा सहमति पत्र, आधार एवं बैंक विवरण तथा संस्थागत आवेदकों के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र देना होगा। योजना के लिए आवेदन की शुरुआत 8 सितंबर 2026 से की गई है। इच्छुक आवेदक www.farmech.bihar.gov.in पोर्टल या बिहार कृषि एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
