Biharsharif / Avinash pandey। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से लापता आठवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र आनंद कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार को पंचाने नदी से उसका शव बरामद किया गया। मृतक पटना जिले के बुढ़रा गांव निवासी आलोक राज का पुत्र था। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने कोसुक के पास बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग पर शव रखकर करीब साढ़े तीन घंटे तक आवागमन बाधित रखा। प्रदर्शनकारी स्कूल के डायरेक्टर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों पर छात्र की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद शव नदी में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद स्कूल के डायरेक्टर और शिक्षक कथित तौर पर परिसर से गायब बताए गए हैं।
परिजनों के मुताबिक, आनंद दुर्गापूजा की छुट्टियां बिताने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हॉस्टल लौटा था। परिजन उसे छोड़कर घर के लिए निकले ही थे कि दोपहर करीब तीन बजे स्कूल प्रशासन की ओर से फोन आया। पहले छात्र के स्कूल से गायब होने की सूचना दी गई और बाद में पंचाने नदी में डूबने की बात बताई गई। इसके बाद से ही परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे थे।
शुक्रवार को नदी में तलाश के बावजूद छात्र का पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोबारा तलाशी अभियान चलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद छात्र का शव नदी से बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
पिता आलोक राज ने स्कूल के शिक्षकों और अन्य लोगों पर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले बेटे के भागने और फिर नदी में डूबने की सूचना दी गई। परिजनों ने छात्र के सिर पर जख्म के निशान होने की बात कहते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दोस्त के बयान से मामले में नया मोड़
इस मामले में छात्र के दोस्त संजीत कुमार का बयान भी सामने आया है। उसके अनुसार, आनंद हॉस्टल लौटने के बाद पहले सामान्य था, लेकिन कुछ देर बाद परेशान दिखने लगा। बातचीत के दौरान उसने किसी लड़की से जुड़े विवाद का जिक्र किया था। संजीत के मुताबिक, आनंद ने कहा था कि उसका मन नहीं लग रहा है, हालांकि उसने विवाद के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। दोपहर करीब 3:10 बजे छात्रों को पता चला कि आनंद हॉस्टल में मौजूद नहीं है। इस बयान के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की जांच जरूरी हो गई है।
छह थानों की पुलिस पहुंची, स्कूल परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दीपनगर, लहेरी, सोहसराय, पावापुरी, बिहार और नालंदा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के डायरेक्टर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिसर में प्रवेश करने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
सदर अंचलाधिकारी लखेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार को पंचाने नदी में छात्र के डूबने की सूचना मिली थी। शनिवार को तलाशी के दौरान शव बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों ने सड़क जाम कर दिया था, जिसे समझाने-बुझाने के बाद हटवा दिया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल की जमीन को लेकर भी शिकायत मिली है। आवेदन में जमीन को श्मशान की जमीन और गैरमजरूआ बताया गया है। संबंधित कर्मचारी को जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन मांगों पर बनी सहमति, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
करीब साढ़े तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद सड़क जाम हटा लिया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से स्कूल को सील करने, डायरेक्टर की गिरफ्तारी और छात्र के परिवार को मुआवजा देने की मांग रखी गई। इन तीनों बिंदुओं पर सहमति बनने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से स्कूल बंद कराने की बात भी कही गई है। हालांकि, डायरेक्टर की गिरफ्तारी और मुआवजे की कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल इलाके में स्थिति शांत बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र की मौत हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। दीप नगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है बहुत जल्द ही मामला स्पष्ट हो जाएगा,
