बिहार में स्थापित होगी अत्याधुनिक कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला, किसानों को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण कृषि यंत्र

पटना

-गुणवत्तापूर्ण कृषि यंत्र, कम लागत और अधिक उत्पादकता पर बिहार सरकार का जोर

-खेती होगी आधुनिक, किसान होंगे समृद्ध- विजय कुमार सिन्हा

बीपी डेस्क। कृषि मंत्री, श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में कृषि यांत्रिकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना में अत्याधुनिक कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला (Agricultural Machinery Testing Laboratory) की स्थापना की जाएगी। यह पहल कृषि यंत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और राज्य में आधुनिक कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में किसानों की समृद्धि और खुशहाली की अहम भूमिका है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप बिहार सरकार कृषि में आधुनिक तकनीक एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि यंत्रों को बढ़ावा दे रही है। कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना से किसानों को विश्वसनीय एवं मानक अनुरूप कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। हमारा लक्ष्य है कि आधुनिक कृषि तकनीक किसानों की आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का आधार बने।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में SMAM (सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन) योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान एवं किसान समूह राज्य में कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के विभिन्न घटकों के तहत कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर तथा किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इन घटकों के अंतर्गत अब तक क्रमशः 88,787 एवं 4,377 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्राप्त आवेदनों में से पात्र आवेदकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में 10 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 4 लाख रुपये की सहायता राशि के साथ 267 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, ग्राम स्तर पर 10 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 8 लाख रुपये की सहायता से 38 कृषि यंत्र बैंक की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त, फसल अवशेष जलाने की समस्या से प्रभावित जिलों में फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनके लिए परियोजना लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ, सुरक्षित एवं मानक अनुरूप कृषि यंत्र उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से बिहार में कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी, जहाँ कृषि यंत्रों की गुणवत्ता, कार्यक्षमता, क्षमता एवं सुरक्षा का निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप परीक्षण किया जाएगा। यह पहल किसानों की आय एवं समृद्धि बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।