सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

पटना

विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने की सड़क सुरक्षा उपायों एवं निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा; लाइसेंस निलंबन संबंधी अनुशंसाओं पर 15 दिनों में कार्रवाई के निर्देश

बीपी डेस्क। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में लीड एजेंसी, बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की कार्यपालक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा उपायों, यातायात प्रबंधन, वाहन चालकों के प्रशिक्षण, विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधारात्मक कार्यों तथा दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

राज्य में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 15,680 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द करने की कार्रवाई की गई है। विकास आयुक्त ने परिवहन विभाग को लाइसेंस निलंबन के लिए प्राप्त अनुशंसाओं पर 15 दिनों के भीतर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध अभियान तेज करने का निर्देश दिया। निलंबित अथवा रद्द लाइसेंस के बावजूद वाहन चलाते पकड़े जाने पर संबंधित वाहन जब्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

सड़क सुरक्षा आधारभूत संरचनाओं का विकास

समीक्षा में जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर एवं सड़क चिह्नांकन जैसे सुरक्षा उपायों की प्रगति पर चर्चा हुई। पहले प्रतिवेदन के अनुसार, जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण अथवा पुनः चिह्नांकन के तहत 4,363 स्थलों पर कार्य पूरा किया गया है, जबकि 138 स्थलों पर कार्य प्रस्तावित है। संबंधित एजेंसियों को शेष कार्यों में तेजी लाने तथा सड़क सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पथ निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा उपलब्ध कराए गए दूसरे प्रतिवेदन के अनुसार, राज्य में 5,124 जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण अथवा पुनः पेंटिंग पूरी की गई है। इसके अतिरिक्त 161 निर्माणाधीन तथा 1,060 प्रस्तावित हैं। वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 474 व्हीकल अंडरपास (VUP) का निर्माण पूरा किया गया है, जबकि 219 निर्माणाधीन तथा 11 प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार, 170 पैदल यात्री अंडरपास (PUP) का निर्माण पूरा हुआ है, जिनमें पथ निर्माण विभाग द्वारा 30 तथा एनएचएआई द्वारा 140 बनाए गए हैं। एनएचएआई के अंतर्गत 27 पैदल यात्री अंडरपास निर्माणाधीन हैं।

यातायात प्रबंधन एवं पुलिस प्रशिक्षण को बढ़ावा

राज्य के 29 जिलों में 307 स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे एवं ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए स्थलों का चयन किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार सूची नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरे चरण में 58 हाईवे पेट्रोल वाहनों की खरीद प्रक्रिया पूरी कर उन्हें प्रतिनियुक्त किया गया है।

औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में 1,600 पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके तहत प्रशिक्षण के लिए भेजे गए पुलिसकर्मियों के सात बैचों का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। वाहन चालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मई माह से प्रत्येक महीने एक दिन सरकारी तथा दो दिन निजी वाहन चालकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसमें पुलिस वाहन चालकों को भी शामिल किया गया है। अब तक 7,985 वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा पर जोर

स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयी बसों में बैठने की निर्धारित क्षमता प्रदर्शित कराने की दिशा में प्रगति हुई है। पहले प्रतिवेदन के अनुसार, कुल 10,162 स्कूल बसों में से 8,547 बसों में बैठान क्षमता प्रदर्शित की जा चुकी है। शिक्षा विभाग को शेष बसों में भी निर्धारित क्षमता प्रदर्शित कराने का निर्देश दिया गया।विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए पूर्व में 983 रोड सेफ्टी एंबेसडर तथा 253 नोडल पदाधिकारियों का चयन किया गया है।

दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता

सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य की ट्रॉमा केयर व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की ट्रॉमा केयर व्यवस्था का अध्ययन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। बिहार में ट्रॉमा केयर सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा निजी अस्पतालों को समर्पित ट्रॉमा बेड स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।

विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों एवं कार्यकारी एजेंसियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी, लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सड़क सुरक्षा प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कार्रवाई पर जोर दिया।

बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, एडीजी ट्रैफिक श्री सुधांशु सिंह, परिवहन सचिव श्री राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन सहित परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, शिक्षा विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा एनएचएआई के सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।