Biharsharif/Avinash pandey: चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को लेकर आज सुबह 11 बजे अस्पताल मोड़, बिहारशरीफ में महागठबंधन के घटक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। विरोध के प्रतीकात्मक स्वरूप के रूप में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया गया।
कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा जनता के मताधिकार का सम्मान सुनिश्चित होना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत बना रहे।
मीर अरसद हुसैन ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के वोट की कीमत सबसे अधिक है और किसी भी परिस्थिति में मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल नहीं उठना चाहिए।
हैदर आलम ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। हमारा आरोप है कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया में अनुचित लाभ लेकर सत्ता में आई है। जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब चुनाव आयोग और सरकार को देना चाहिए।
कैप्टन शाहिद ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। अगर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर किया गया है। महागठबंधन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इन मुद्दों को जनता के बीच उठाता रहेगा।
विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता
अजीत राज, मीर अरसद हुसैन, मोहम्मद आजाद आलम, मोहम्मद उस्मान गनी, कैप्टन शाहिद, डॉक्टर अवधेश प्रसाद, अरसलान, मोहम्मद असफाक, रूद्र यादव, नाग राज, बंटी, घुटुर , गौतम यादव, छोटू खान, इशरू, अकरम खान, सोनू अंसारी, बिंदु, आदिल ग़जाली, अरुण सिन्हा, हैदर आलम, अनिल सहित महागठबंधन एवं कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
