मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा, आपसी समन्वय से कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का दिया निर्देश।
विद्यालयों में रंग-रोगन, चहारदीवारी, मरम्मती कार्य, शौचालय, पेयजल एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वर्ग-कक्षाओं एवं भवनविहीन विद्यालयों में भवन निर्माण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने को कहा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडल स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश।
बस अड्डों की साफ-सफाई, सौंदर्गीकरण एवं यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू करने, जरूरत के अनुसार नई स्ट्रीट लाइट लगाने तथा सार्वजनिक नलकूपों को पूरी तरह क्रियाशील रखने का निर्देश।
पटना, बीपी डेस्क। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत निर्धारित कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आवश्यकतानुसार नए स्वास्थ्य उप-केंद्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए प्रतीक्षालय और बैठने की व्यवस्था की जा रही है तथा लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान के तहत निर्धारित कार्यों को तेजी से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में रंग-रोगन, चहारदीवारी निर्माण तथा अन्य मरम्मती कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। विद्यालयों में बेहतर शौचालय, शुद्ध पेयजल, बिजली एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त वर्ग-कक्षों का निर्माण कराया जाए। साथ ही, भवनविहीन विद्यालयों में विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडल स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता, आवश्यक सुविधाओं एवं मरीजों की सहूलियत पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने बस अड्डों की साफ-सफाई और सौंदर्गीकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बस अड्डों से आवागमन करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र चालू कराने तथा आवश्यकता के अनुसार नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने का निर्देश दिया। उन्होंने सार्वजनिक नलकूपों की समुचित मरम्मत कराने और उन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाए रखने को भी कहा, ताकि लोगों को इसका समुचित लाभ मिल सके।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एच०आर० श्रीनिवास, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के० सेंथिल कुमार, नगर विकास एवं आवास सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव श्री संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी, पंचायती राज विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव श्री बी० कार्तिकेय धनजी, शिक्षा विभाग के सचिव श्री राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
