कृषि यांत्रिकरण योजना में DBT के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित होगी अनुदान राशि

पटना

सत्यापित आवेदनों एवं ऑनलाइन लॉटरी से चयनित किसानों की सूची OFMAS पोर्टल के साथ जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी होगी प्रदर्शित- विजय कुमार सिन्हा

बीपी डेस्क। कृषि यांत्रिकरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं किसानों को समयबद्ध तरीके से अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि यंत्रों पर अनुदान, कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक, स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर एवं किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से संबंधित योजना के विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा की गई।

कृषि यंत्र खरीद के बाद DBT से मिलेगी अनुदान राशि

कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वाले किसान कृषि यंत्र की पूरी राशि का भुगतान कर यंत्र का क्रय करेंगे। कृषि यंत्र के क्रय एवं संबंधित प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद देय अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभुक किसान के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। इससे अनुदान भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

मंत्री ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण योजना 2026-27 के अंतर्गत सभी घटकों के सत्यापित आवेदनों की सूची OFMAS पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही, किसानों की सुविधा के लिए यह सूची जिला स्तर पर संयुक्त कृषि भवन परिसर, प्रखंड स्तर पर प्रखंड कार्यालय परिसर तथा पंचायत स्तर पर पंचायत कृषि भवन परिसर में भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे किसानों को चयन प्रक्रिया एवं अपने स्वीकृति पत्र की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी तथा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। कृषि यांत्रिकरण से कृषि लागत कम करने, कृषि कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने तथा उत्पादकता एवं किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण योजना केवल कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों के समय, श्रम एवं लागत की बचत करते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा किसानों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार किसान हित, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि यांत्रिकरण की सुविधाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।