मुजफ्फरपुर, राजन दत्त। पुलिस बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के एक और सदस्य को मुजफ्फरपुर साइबर थाना की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कांड में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि इस घटना में संलिप्त अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र के अनुसार, पिछले कई दिनों से गिरोह के सदस्य खुद को CBI अधिकारी या पुलिस बताकर परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी की बात कहकर लोगों से ठगी कर रहे थे।
इसी तरीके से वादिनी रागिनी देवी को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से फोन कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया गया। उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर डरा-धमका कर कुल 3 लाख 47 हजार 999 रुपये की ठगी कर ली गई। इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 140/26, दिनांक 08 सितंबर 2026 दर्ज किया गया था।
कांड की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण और पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष, साइबर थाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी बिंदुओं और विभिन्न बैंकों के घोस्ट/म्यूल अकाउंट का बारीकी से विश्लेषण किया।
विश्लेषण के बाद टीम ने घटना में प्रयुक्त खाते के धारक टीपू कुशवाहा, थाना-बरियारपुर, जिला-देवरिया (उत्तर प्रदेश) को 12 अक्टूबर को ठगी में प्रयुक्त मोबाइल के साथ देवरिया से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही थी। इसी क्रम में टीम ने 17 अक्टूबर को एक अन्य खाताधारक केवल प्रिंस कुमार, थाना+जिला-बांका को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार केवल प्रिंस के बैंक खाते पर देश के 9 राज्यों से कुल 14 शिकायतें दर्ज हैं, जो उसके बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की ओर इशारा करता है।
पुलिस ने वादिनी के खाते से ठगे गए 3,47,999 रुपये में से 2,64,748 रुपये को होल्ड करा दिया है। जिसे वादिनी को वापस कराने की कार्रवाई की जा रही है।
