चंपारण : पताही में विकास कागजों में, धरातल पर कीचड़: जिहुली पंचायत में सड़क-नाला के लिए फूटा गुस्सा

मोतिहारी

-28 नवंबर को पताही में होगा बड़ा आंदोलन

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। एक तरफ सरकार हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड की जिहुली पंचायत आज भी कीचड़ और टूटी सड़कों में अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रही है।

बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से नाराज ग्रामीण अब आर-पार के मूड में हैं। पूर्व सरपंच राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 28 नवंबर को पताही प्रखंड कार्यालय के घेराव और चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।

शुक्रवार को जिहुली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सरपंच राघवेंद्र शर्मा ने पताही प्रखंड में भयंकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “गरीब झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं और संपन्न लोग एक नहीं, दो-दो नाम से आवास योजना का लाभ ले रहे हैं।” उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

  • दो बड़ी समस्याएं जिसने ग्रामीणों को किया आंदोलित

दो बड़ी समस्याओं में पहला यह कि बाइस माइल से जिहुली सड़क जर्जर है। मुख्य संपर्क सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। आवागमन में ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। कई बार प्रशासन और वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया गया, पर सुनवाई नहीं हुई।

दूसरी बड़ी समस्या नारायणपुर में सड़क पर बह रहा नाले का पानी है । जहां वर्षों से नाले का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क तालाब बन गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और प्राचीन मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को रोज फजीहत झेलनी पड़ती है।

पूर्व सरपंच ने कहा कि यह आंदोलन चिरैया विधायक लालबाबू गुप्ता, शिवहर सांसद लवली आनंद सहित सभी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के खिलाफ है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाहर प्रसाद, रामस्वार्थ कुशवाहा, विश्वनाथ गिरी, सुमित कुमार, हरिशंकर सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।